सम्बोध, Sambodh
www.sambodhshodhpatrika.org
Establish Year : 2015
ISSN No. : 2394-7810

सम्बोध शोध पत्रिका

अर्ध वार्षिक सामजिक विज्ञान शोध पत्रिका

शोध पत्रिका की वेबसाइट www.sambodhshodhpatrika.org को लांच करते हुए हम सभी लोगों को विशेष प्रसन्नता हो रही है। सर्वप्रथम उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने शुरू से अब तक प्रत्येक क्षण मदद की।
             भारत में अध्यापन के क्षेत्र में हिंदी भाषा के माध्यम के निरंतर बढ़ते हुए महत्व को देखते हुए प्रमाणिक शोध पत्रिका का अभाव छात्रों और अध्यापन से जुड़े हुए लोगों के लिए एक समस्या रहा है। साथ ही यह समस्या शोध के विकास में भी बाधक सिद्ध होने लगी है क्योंकि हिंदी भाषा के शोधार्थी / लेखकों पर अंग्रेजी में लिखने का दबाव रहता है , जिससे उनके मौलिक विचार बदल जाते हैं। अध्यापन एवं शोध कार्य से जुड़े रह कर गत कुछ समय से इस कठिनाई को अनुभव कर रहा था। इन समस्याओं को दूर करने के आशय से यह प्रयास किया गया। अपने स्वल्प ज्ञान की सीमाओं में इस कार्य को करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी बंधन से मुक्त रहते हुए अपनी योग्यता के अनुरूप पूर्ण चेष्टा की है। हम गुणात्मक शोध के लिए मंच देने और अंतःविषय अनुसंधान को मजबूत करने के लिए मानविकी और सामाजिक विज्ञान में शोध को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। विभिन्न स्तरों पर शोध छात्र एवं छात्राओं तथा समाज वैज्ञानिकों की जिज्ञासा बढ़ेगी। जिसका समाधान किया जा सकेगा और शोधार्थियों के द्वारा किये गए शोध का लाभ समाज और राष्ट्र के हित में होगा। ऐसी हम आशा करते हैं।

दृष्टि (Vision)

संबोध की परिकल्पना करते समय यही विचार मन में था कि मौलिक एवं स्वतंत्र विचारों को एवं समसामयिक विषयों को लेखनीबद्ध करके कोई भी शोध, समाज राष्ट्र और संपूर्ण मानवता के उन्नयन में योगदान करके दिशा प्रदान करता है। इन्ही विचारों से अभिप्रेरित होकर संबोध पत्रिका का सृजन किया गया। विधिक औपचारिकताओं की पूर्ति के बाद तब से अद्यतन आज तक इसे परिमार्जित उत्त्कृष्ट बनाने का सतत प्रयास जारी है। इस पत्रिका में प्रकाशित शोध पत्रों की मौलिकता एवं गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के उपरांत ही प्रकाशित करने की चेष्टा की जाती है।

Cover Page
सूचना पट्ट (Notice board)
  1. लेखकों से अनुरोध है कि समस्त पत्र व्यवहार भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी में करने की कृपा करें | (The authors are requested to do all correspondence in Hindi, the national language of India)
  2. सम्बोध शोध पत्रिका का आगामी अंक 18 हेतु मौलिक शोध पत्र एवं आलेख आमन्त्रित किए जाते हैं। 

  •  सम्बोध शोध पत्रिका अर्धवार्षिक है, जिसमें सामाजिक एवं मानविकी विषयों से सम्बंधित मौलिक लेखों का प्रकाशन किया जाता है।
  • शोधकर्ता या लेखक अपने शोधपत्र / लेख को हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा में भेज सकते हैं।
  • कृपया अपनी सदस्यता के अनुसार शुल्क जमा करें अन्यथा तीन दिन के बाद आपकी सदस्यता स्वतः निरस्त हो जाएगी। (Please kindly submit your fee according to Membership. If you have not submit the fee within 3 days then your membership will be reject automatically.)
  • कृपया भविष्य में संवाद हेतु पंजीयन संख्या को सुरक्षित रखें। (Kindly save your Registration no. for further communication.)
  • किसी भी सदस्य को कोई वेतन नहीं दिया जायेगा। (There is no salary offered to any member.)
  • प्रकाशित शोध लेखों में व्यक्त विचार लेखक के हैं, इसलिए गलत तथ्यों के प्रस्तुतीकरण की समस्त जिम्मेदारी लेखकों की है। (The views expressed in the published research articles are from the author, so the responsibilities of presenting false facts are the writers' responsibility.)
  • जिन लेखकों एवं शोध छात्रों ने संबोध की सदस्यता ग्रहण की है, उनसे सदस्यता के अतिरिक्त कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। (The authors and research students who have subscribed to the Sambodh have no charge other than membership)
छायाचित्र (Photographs)
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